21 Nov 2017, 06:00:19 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us facebook twitter android
dharmakaram

14 गांठों वाले धागे अनंत की पूजा करें आज, घर में आएगी सुख और समृद्धि

  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

 नई दिल्ली। आज है भादो माह के शुक्ल पक्ष की चतुदर्शी। यानी अनंत चतुदर्शी। आज अनंत की पूजा होती है और भगवान सत्यनारायण यानी विष्णु जी की आराधना होती है। आज देशभर में भक्ति भाव से श्रद्धालु भगवान श्री नारायण की पूजा होगी। पूजा-अर्चना के बाद व्रत धारण करने वाले अनंत के निमित्त आराधना करेंगे। इसके बाद पुरुष दक्षिण भुजा में एवं महिलाएं बायीं भुजा में अनंत सूत्र धारण करेंगी। शास्‍त्रों के मुताबिक अनंत चतुदर्शी का व्रत वैसे तो नदी तट पर करना श्रेष्ठकर होता है। लेकिन किसी मंदिर, पर्वत शिखर या फिर घरों में पूजा गृह में कथा श्रवण का भी श्रेयस्कर परिणाम मिलता है। अनंत राखी के समान रूई या रेशम के कुंकू रंग में रंगे धागे होते हैं और उनमें चौदह गांठे होती हैं। इन्हीं धागों से अनंत का निर्माण होता है। यह व्यक्तिगत पूजा है, इसका कोई सामाजिक धार्मिक उत्सव नहीं होता।  अग्नि पुराण (1) के मुताबिक व्रत करने वाले को धान के एक प्रसर आटे से पूड़ी बनानी होती हैं, जिनकी आधी वह ब्राह्मण को दे देता है और शेष स्वयं प्रयोग में लाता है। पूजा के दौरान इस मंत्र का उच्चारण करने से व्रत फलदायी होता है। 'हे वासुदेव, इस अनंत संसार रूपी महासमुद्र में डूबे हुए लोगों की रक्षा करो तथा उन्हें अनंत के रूप का ध्यान करने में संलग्न करो, अनंत रूप वाले प्रभु तुम्हें नमस्कार है।' मंत्र से हरि की पूजा करके तथा अपने हाथ के ऊपरी भाग में या गले में धागा बांध कर या लटका कर (जिस पर मंत्र पढ़ा गया हो) व्रती अनंत व्रत को पूर्ण करता है। यदि हरि अनंत हैं तो 14 गांठें हरि द्वारा उत्पन्न 14 लोकों की प्रतीक हैं।

  • facebook
  • twitter
  • googleplus
  • linkedin

More News »