23 Oct 2017, 17:11:11 के समाचार About us Android App Advertisement Contact us facebook twitter android

  • 14 गांठों वाले धागे अनंत की पूजा करें आज, घर में आएगी सुख और समृद्धि

    आज है भादो माह के शुक्ल पक्ष की चतुदर्शी। यानी अनंत चतुदर्शी। आज अनंत की पूजा होती है और भगवान सत्यनारायण यानी विष्णु जी की आराधना होती है। आज देशभर में भक्ति भाव से श्रद्धालु भगवान श्री नारायण की पूजा होगी। पूजा-अर्चना के बाद व्रत धारण करने वाले अनंत के निमित्त आराधना करेंगे। इसके बाद पुरुष दक्षिण भुजा में एवं महिलाएं बायीं भुजा में अनंत सूत्र धारण करेंगी।

  • गणेश स्थापना के लिए श्रेष्ठ है प्रात: काल मुहूर्त

    मध्यप्रदेश में सभी जगह गणेशोत्सव का दस दिवसीय पर्व मनाने के लिए गणेश भक्तों और मंडलों द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। विक्रम संवत मुताबिक आने वाले भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष 5 सितम्बर में पडऩे वाली गणेश चर्तुथी के दिन भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की स्थापना कर दशमी और अनंत चतुर्दशी तक भगवान श्री गणेश की आर्कषक झांकियां सजाकर उनकी पूजा अर्चना की जाएगी।

  • 71 फीट के वाटर प्रूफ पांडाल में शिवरूपी स्वरूप में दर्शन देंगे गणेश

    उज्जैन महाकुंभ का नजारा इस बार इंदौर में गणेशोत्सव के दौरान भक्तों को देखने को मिलेगा। बंगाली कारीगरों द्वारा एक माह से उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग की भव्य प्रतिकृति तैयार की जा रही है। 71 फीट के इस वाटर प्रूफ पांडाल में 11 फीट की शिवरूपी स्वरूप भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा विराजित की जाएगी, जो सिंहस्थ की यादों को ताजा करेगी।

  • पुष्य नक्षत्र अभिषेक के साथ जयपुर में गणेश जन्मोत्सव प्रारंभ

    ध्वजारोहण ,ध्वज पूजन और पुष्य अभिषेक के साथ एतिहासिक मोतीडूंगरी मंदिर में सात दिवसीय श्रीगणेश जन्मोत्सव की मंगलवार सुबह शुरूआत हुई। मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने श्रीगणपति अथर्वाशीर्ष मंत्रोच्चारण के बीच सबसे पहले गंगाजल, गुलाब एवं केवड़ा जल व इत्राभिषेक के बाद पंचामृत अभिषेक किया।

  • जैन मंदिरों में पर्युषण पर्व की रही धूम, महिलाओं ने किया गाय-बछड़े का पूजन

    श्वेताम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व सोमवार से शुरू होने के बाद राजधानी भोपाल, इंदौर समेत प्रदेशभर के जैन मंदिरों में सुबह से ही चहल-पहल नजर आई। मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना की गई।

  • भगवान महाकालेश्वर की अंतिम शाही सवारी आज

    श्रावण एवं भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर की सवारियों के क्रम में सोमवार को अंतिम शाही सवारी धूमधाम से नगर भ्रमण करेगी। सवारी मंदिर स्थित सभा मण्डप से पूजन-अर्चन के पश्चात शाम 4 बजे नगर भ्रमण पर निकलेगी, जो कि मन्दिर से रामघाट पहुंचेगी।

  • देवभूमि के इस गांव में हनुमान को समझा जाता है दुश्मन, नहीं होती है पूजा क्यों...?

    मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान को समर्पित है. हमें बचपन से ही सिखाया जाता रहा है कि बुरे वक्त में हनुमान को याद करें. कहते भी हैं कि भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान का नाम लेने भर से ही तमाम कष्ट दूर हो जाते हैं.

  • सिंहासन गौरी योग में बंधेंगी राखियां, सुबह छह से दोपहर दो बजे तक है शुभ मुहूर्त

    बहनें सुबह 6 बजे से दोपहर दो बजे तक अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। ज्योतिषाचार्यो की मानें तो इस दिन सिंहासन गौरी योग बनने से यह त्योहार और भी शुभ होगा। ऐसा समय तीन साल बाद रहा है, जब शुभ पर्व पर, दिन के समय भद्रा व्याप्त नहीं होगी।

  • राग से ही बढ़ता है संसार: विराग सागर

    भगवान महावीर स्वामी ने अपनी दिव्य देशना में कोई कविता, मुक्तक या दोहे नहीं कहे, हास्य व्यंग्य के कार्यक्रम नहीं किए, उन्होंने प्राणीमात्र को मोक्षमार्ग पर चलने का उनके हित का ही उपदेश दिया जिनेन्द्र देव ने अपनी वाणी मे छह द्रव्यों सात तत्वों को अपने उपदेश मे बताया उसी को हम सभी ने यहां समझा है।

  • जीवन को अध्यात्मिक भाव से देखने वाली आर्ष दृष्टि के लिए उपवास ही उपासना को बनाता सार्थक

    अंतिम सत्य तक पहुँचने के लिए लक्ष्मण का सरयू किनारे लंबा उपवास और लंका विजय के समय राम समुद्र में मार्ग पाने के लिए अनशन जिसका जिक्र रामायण में किया गया है,इसका उदाहरण हो सकता है।

  • मकर संक्रांति का महत्व और सूर्योपासना

    सूर्य को जगत की आत्मा माना गया है। इसी कारण सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश महत्वपूर्ण माना जाता है। इस एक राशि से दूसरी राशि में किसी ग्रह का प्रवेश संक्रांति कहा जाता है।

  • मौत के संकेत और कैसे रहें सचेत?

    आप किसी तीर्थस्थल की यात्रा के लिए जिस प्रकार तैयार रहते हैं ठीक उसी तरह मौत के साथ विदा होने के लिए तैयार हो जाएंगे और मौत डरावनी चीज नहीं लगेगी। गरूड़ पुराण में बताया गया है कि सामान्य स्थिति में जिनकी मृत्यु होती है वह छ: महीने पहले मौत की आहट सुन सकते हैं।

  • भगवान श्रीकृष्ण की मौत के बाद हुआ था कलियुग का आरंभ

    पुराणों के अनुसार 8वें अवतार के रूप में विष्णु ने यह अवतार 8वें मनु वैवस्वत के मन्वंतर के 28वें द्वापर में श्रीकृष्ण के रूप में देवकी के गर्भ से 8वें पुत्र के रूप में मथुरा के कारागार में जन्म लिया था। उनका जन्म भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की रात्रि के 7 मुहूर्त निकलने के बाद 8वें मुहूर्त में हुआ। तब रोहिणी नक्षत्र तथा अष्टमी तिथि थी जिसके संयोग से जयंती नामक योग में लगभग 3112 ईसा पूर्व (अर्थात आज से 5125 वर्ष पूर्व) को जन्म हुआ।

  • घर के मंदिर में रखें इन 5 बातों का ध्यान, बरसेगी लक्ष्मी की कृपा

    घर के मंदिर में ज्यादा बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार बताया गया है कि यदि हम मंदिर में शिवलिंग रखना चाहते हैं तो शिवलिंग हमारे अंगूठे के आकार से बड़ा नहीं होना चाहिए।

  • टोना-टोटका जीवन में दिला सकते हैं सफलता! मात्र एक अंधविश्वास या आस्था

    दुनिया में जो दिखता है जरूरी नहीं वह वैसा ही हो। कुछ चीज़ें के प्रति किसी ना किसी कारणवश हमेशा के लिए एक गलत नज़रिया कायम हो जाता है। कुछ ऐसा ही हश्र हुआ है ‘टोटके’के साथ। विभिन्न वस्तुओं का इस्तेमाल करके जीवन में अलग-अलग लाभ पाने के लिए लोग टोना-टोटका करते हैं।

  • नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा

    शारदीय नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का है। मां का यह रूप शांत, सौम्य और मोहक का प्रतीक है।